मंगलवार, 24 जुलाई 2012
सोमवार, 9 जुलाई 2012
panchayat ki muskan july 2012
बहुरंगी हिन्दी मासिक पत्रिका पंचायत की मुस्कान का जुलाई 2012 का यह अंक कैसा लगा अपने बहुमूल्य राय से हमें जरूर अवगत कराइयेगा।
शनिवार, 16 जून 2012
एक दिन पिता के नाम
अन्य दिवसों की तरह ही फादर्स डे भी अपने पिता के प्रति प्रेम दर्शाने का बेहतर माध्यम है। पिछले कुछ सालों में मध्य एवं उच्च वर्गीय शहरी युवाओं में यह काफी लोकप्रिय हो चला है। 17 जून को फादर्स डे है। यह दिन आप अपने पिता के नाम कर इसे यादगार बना सकते हैं।
इस दिन आप अपने पापा को कोई सुंदर उपहार देने के साथ ही अपना खास वक्त उनके साथ बिताकर बचपन की यादों को ताजा करेंगे तो स्वाभाविक है यह लम्हें आपके लिए यादगार साबित होंगे।
जब से आपने होश संभाला, आपके हर सुख-दुख में पिता की भूमिका खास रही। उन्होंने न सिर्फ आपकी इच्छाएं पूरी कीं, बल्कि परिवार को भी जिम्मेदारी के साथ बांधे रखा और अपना पूरा जीवन आपके लिए समर्पित कर दिया। फादर्स डे ही वह सही दिन है अपने पिता को खुश करने का।
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इस संबंध में सालेहा का कहना है कि मेरे पापा बहुत अच्छे हैं और उन्होंने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। मैं चाहती हूं कि सबके पापा मेरे प्यारे पापा की तरह हो। मैं जिंदगी में ऐसा कुछ करना चाहती हूं, जिससे मेरे पापा को मुझ पर फक्र महसूस हो और उनका सिर समाज में ऊंचा हो।
दिव्या के अनुसार जिनकी वजह से आज हमारा अस्तित्व है उन्हें फादर्स डे पर उपहार देकर थैंक्स कहेंगे। पापा ही हैं जिन्होंने जीवन में सही-गलत में फर्क समझाया और हमेशा नेक राह पर चलने की सलाह दी। उन्होंने हमें जो संस्कार दिए वह आज हमारे जीवन में काम आ रहे हैं। हमारी हर सफलता के पीछे उनका ही योगदान है।
इस दिन आप अपने पापा को कोई सुंदर उपहार देने के साथ ही अपना खास वक्त उनके साथ बिताकर बचपन की यादों को ताजा करेंगे तो स्वाभाविक है यह लम्हें आपके लिए यादगार साबित होंगे।
जब से आपने होश संभाला, आपके हर सुख-दुख में पिता की भूमिका खास रही। उन्होंने न सिर्फ आपकी इच्छाएं पूरी कीं, बल्कि परिवार को भी जिम्मेदारी के साथ बांधे रखा और अपना पूरा जीवन आपके लिए समर्पित कर दिया। फादर्स डे ही वह सही दिन है अपने पिता को खुश करने का।
दिव्या के अनुसार जिनकी वजह से आज हमारा अस्तित्व है उन्हें फादर्स डे पर उपहार देकर थैंक्स कहेंगे। पापा ही हैं जिन्होंने जीवन में सही-गलत में फर्क समझाया और हमेशा नेक राह पर चलने की सलाह दी। उन्होंने हमें जो संस्कार दिए वह आज हमारे जीवन में काम आ रहे हैं। हमारी हर सफलता के पीछे उनका ही योगदान है।
गुरुवार, 7 जून 2012
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